बेनाम कोहड़ाबाज़ारी उर्फ़ अजय अमिताभ सुमन की पसंदीदा कविताएँ, कहानियां.
मैं इस ब्लॉग का इस्तेमाल अपनी पसंदीदा कविताओं,कहानियों, को दुनिया के सामने लाने के लिए कर रहा हूँ. मैं इस ब्लॉग का इस्तेमाल अव्यावसायिक रूप से कर रहा हूँ.मैं कोशिश करता हूँ कि केवल उन्ही रचनाओं को सामने लाऊँ जो पब्लिक डोमेन में फ्री ऑफ़ कॉस्ट अवेलेबल है . यदि किसी का कॉपीराइट इशू है तो मेरे ईमेल ajayamitabhsuman@gmail.comपर बताए . मैं उन रचनाओं को हटा दूंगा. मेरा उद्देश्य अच्छी कविताओं,कहानियों, को एक जगह लाकर दुनिया के सामने प्रस्तुत करना है.
कोर्ट के दरवाजे बहुत बड़े
पर आधे पल्ले थोड़े छोटे दूजे थोड़े बड़े
और वो भी आधे खुल्ले
क्या सुरक्षा के वास्ते?
नहीं!!!
गाय भैसों को रोकने के वास्ते।
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