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Sunday, 19 March 2017

इंतेखाब-बेनाम कोहड़ा बाज़ारी

तेरे नाज-ओ-नखरे  हिजाबों में है,
मेरी अजमत बेनाम  ख्वाबों में है ।

           
            बेनाम कोहड़ा बाज़ारी
            उर्फ़
            अजय अमिताभ सुमन

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