मैं इस ब्लॉग का इस्तेमाल अपनी पसंदीदा कविताओं,कहानियों, को दुनिया के सामने लाने के लिए कर रहा हूँ. मैं इस ब्लॉग का इस्तेमाल अव्यावसायिक रूप से कर रहा हूँ.मैं कोशिश करता हूँ कि केवल उन्ही रचनाओं को सामने लाऊँ जो पब्लिक डोमेन में फ्री ऑफ़ कॉस्ट अवेलेबल है . यदि किसी का कॉपीराइट इशू है तो मेरे ईमेल ajayamitabhsuman@gmail.comपर बताए . मैं उन रचनाओं को हटा दूंगा. मेरा उद्देश्य अच्छी कविताओं,कहानियों, को एक जगह लाकर दुनिया के सामने प्रस्तुत करना है.


Sunday, 10 May 2015

दादा के गुजर जाने के बाद-बेनाम कोहड़ाबाज़ारी


कोई आता नहीं छोड़ने
बस के पास

नहीं लेता कोई आपना हाल चाल
नहीं रखता कोई यात्रा का ख्याल

भाई व्यस्त है अपनी नौकरी में
परिवार चलाने के लिए
ऑफिस जाना मज़बूरी है

और भाभी नहीं आ सकती
बच्चे भी नहीं आ सकते
स्कूल जाना जरुरी है

अब यात्रा में खाने के लिए
कोई चना भुनवाता नहीं
और बस के आँखों से ओझल हो जाने तक
हाथ डुलता नहीं

छोड़ रहा हूँ अपने गाँव को
दूर से एक पराये की तरह

दादा के गुजर जाने के बाद

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